आपदा बनी अवसर

August 15, 2010

पिछले सप्ताह मुझे कच्छ विश्वविद्यालय से सम्बध्द एक बी.एड. कॉलेज के नए भवन का उद्धाटन करने कच्छ के आदीपुर जाना पड़ा। इसी अवसर पर मेरी धर्मपत्नी कमला ने एक नर्सिंग स्कूल का भी उद्धाटन किया।

यह दोनों संस्थान, कमला की घनिष्ट मित्र निर्मला गजवानी के प्रयासों और समर्पण का फल है। श्रीमती गजवानी सिंधु पुनर्वास निगम की अध्यक्षा हैं।

दो स्थानों के प्रति मेरा विशेष लगाव है। निस्संदेह एक कराची, जहां मैं पैदा हुआ लेकिन 1947 में देश के विभाजन के बाद वहां केवल दो बार जा पाया-पहली बार 1978 में और अंतिम बार 2005 में। दूसरा स्थान कच्छ में.

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