जोर-जबरदस्ती और घूसखोरी का सामना करने में जीवंत है भारतीय लोकतंत्र

December 18, 2013
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वर्ष 2013 समाप्ति की ओर है। एक महत्वपूर्ण चुनावी लड़ाई अभी हाल ही में समाप्त हुई है, एक निर्णायक लड़ाई आने वाले वर्ष में लड़नी है। आगामी वर्ष की मध्यावधि समाप्त होने से पहले सोनिया गांधी-मनमोहन सिंह के शासन का भविष्य तय हो जाएगा। समाचारपत्रों की सुर्खियों ने विगत् विधानसभाई चुनावों को कांग्रेस के सफाएके रुप में वर्णित किया हैं। सण्डे टाइम्स (15 दिसम्बर, 2013) में एम.जे. अकबर के लेख का शीर्षक है। पोस्ट पोल लेसन्स फॉर दि विनरस् एण्ड वाइर्नस्

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