दो उपलब्धियां, एक अपेक्षा

September 16, 2012
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सन् 1992 में, प्रसिध्द अमेरिकी राजनीतिक विज्ञानी फ्रांसिस फ्युकुयमा ने एक पुस्तक लिखी थी दि एण्ड ऑफ हिस्ट्री एण्ड दि लास्ट मैंन। फ्युकुयमा का तर्क था कि नब्बे के दशक के अंत में दुनियाभर में उदार लोकतंत्रों का प्रसार मानवता के सामाजिक-आर्थिक मूल्यांकन का अंतिम बिन्दु है। मुख्य रुप से वह कम्युनिज्म के पतन का संदर्भ दे रहे थे। इसे इतिहास का अंत कहना शायद अतिश्याक्ति हो। लेकिन 1989 में बर्लिन दीवार का

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