प्रधानमंत्री द्वारा असमर्थनीय घूसखोरी का बचाव

March 21, 2011
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प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह ने गत् शुक्रवार (18 मार्च, 2011) को संसद के दोनों सदनों में एक वक्तव्य देकर स्वंतंत्र भारत में अब तक के सबसे बड़े घोटाले-जुलाई 2008 में नोट के बदले वोट पर पर्दा डालने के उद्देश्य से उन्मत परन्तु व्यर्थ प्रयास किया। वक्तव्य के तुरंत पश्चात् दोनों सदनों में विपक्ष के नेता सुषमा स्वराज और अरुण जेटली ने अपने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में इस वक्तव्य के प्रत्येक पहलू की

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