Archive for September, 2010

नौकरशाह बनाम दिल्ली के विद्यार्थी

September 20, 2010
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पिछले सप्ताह जब राष्ट्रमण्डल खेलगांव अनौपचारिक रुप से खोला गया तो जिसने देखा वही उसकी भूरि-भूरि प्रशंसा करने लगा। वेल्स के चे्फ डि मिशन ने जो कहा वह छपा है: ”अपनी सुविधाओं और वैभव से परिपूर्ण विलेज असामान्य है।”   इससे मुझे एनडीए सरकार के समय जब पहली बार नई दिल्ली में यह खेल आयोजित करने का निर्णय लिया गया, के प्रस्ताव का स्मरण हो आया।   यहां राष्ट्रमण्डल खेल आयोजित करने का फैसला 2003 में लिया गया। उस समय श्री वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार थी।   राष्ट्रमण्डल खेलों की मेजबानी के लिए भारत ने 2003 के शुरु में ही दावा किया था। उस वर्ष के अगस्त मास के पहले सप्ताह में खेलों के मूल्यांकन आयोग ( Evaluation Commission ) ने दिल्ली सहित उन अन्य देशों का भी दौरा किया जिन्होंने खेलों की मेजबानी करने का दावा किया था।   जिस टीम ने मूल्यांकन आयोग के सम्मुख ‘प्रेजटेंशन‘ दिया … Continue reading नौकरशाह बनाम दिल्ली के विद्यार्थी

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THE IMPORTANCE OF SEPTEMBER

September 12, 2010
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Personally for me, today’s is a memorable date. It was exactly on this day in 1947 that I left my birthplace Karachi for good. In these last 63 years since, I have visited Karachi only twice – first time in 1978, and the second time in 2005. Gen.Musharraf of Pakistan was born in Delhi. When he visited Delhi in 2001 he had come here for the first time since independence. I referred to this in my very first interaction with him at the Rashtrapati Bhavan. “Don’t you think it unfortunate” I said, “that in these over five decades after 1947 you are visiting your birthplace for the first time, and that I have also been able to visit Karachi, my home city, only once (my second visit as indicated earlier came later)!” In that first meeting with the General, while exchange of pleasantries about our days at St. Patrick’sHigh School, … Continue reading THE IMPORTANCE OF SEPTEMBER

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सितम्बर का महत्व

September 12, 2010
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व्यक्तिगत रुप से आज का दिन मेरे लिए अविस्मरणीय है। ठीक इसी दिन 1947 में मैंने अपना जन्मस्थान कराची छोड़ा था। इन पिछले 63 वर्षों में, मैं सिर्फ दो बार कराची जा सका- पहली बार 1978 में और दूसरी बार 2005 में।   पाकिस्तान के जनरल मुशर्रफ दिल्ली में पैदा हुए। जब 2001 में वह दिल्ली आए तो स्वतंत्रता के पश्चात से यह उनकी पहली यात्रा थी। इसका उल्लेख मैंने राष्ट्रपति भवन में उनसे हुई पहली बातचीत में किया था।   मैंने कहा था ”क्या आपको दुर्भाग्यपूर्ण नहीं लगता कि 1947 के बाद के पांच दशकों में आप पहली बार अपने जन्मस्थान आ सके और मैं भी अपने गृहनगर कराची भी एक बार जा सका हूं (मेरी दूसरी यात्रा इसके बाद हुई थी) !”   जनरल के साथ मेरी पहली मुलाकात में हमारे बीच कराची के सेंट पेट्रिक हाई स्कूल, जहां हम दोनों की पढाई हुई, के बारे में पुरानी … Continue reading सितम्बर का महत्व

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