Archive for June, 2011

डा0 मुकर्जी बलिदान दिवस

June 25, 2011
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विशुध्द ऐतिहासिक रुप से जून का महीना अत्यन्त महत्वपूर्ण है। भाजपा में हमारे लिए इसकी अनेक तिथियां कभी न भूलने वाली हैं।   मैं यह ब्लॉग 25 जून को लिख रहा हूं। सन् 1975 में इसी दिन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद से संविधान के अनुच्छेद 352 के तहत आंतरिक आपातकाल की घोषणा पर हस्ताक्षर करवाये थे। प्रधानमंत्री ने केबिनेट से विचार-विमर्श नहीं किया था। गृहमंत्री और विधि मंत्री को भी इसकी जानकारी नहीं थी।   सन् 1975 की 12 जून वह तिथि है जिस दिन इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने श्रीमती इंदिरा गांधी का लोकसभाई निवार्चन रद्द किया तथा भ्रष्ट  चुनावी तरीकों के आधार पर अगले 6 वर्षों तक उन्हें चुनाव लड़ने के अयोग्य ठहराया था।   आपातकाल की घोषणा जिस पर राष्ट्रपति से हस्ताक्षर करवाए गए थे, का उद्देश्य उच्च न्यायालय के निर्णय से सामने आए नतीजों को निष्प्रभावी करने हेतु सरकार को शक्ति प्रदान … Continue reading डा0 मुकर्जी बलिदान दिवस

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A COMMENDABLE CULTURAL INITIATIVE BY M.P. No

June 20, 2011
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The first time that I saw a single actor perform an hour long scene from a play all by himself in a manner as to keep the entire audience spell-bound was seventy years back when I was a student at the St. Patrick’s High School, Karachi. To the best of my recollection the performer was an able thespian from Ireland who played the role principally of Shylock in a powerful scene from Shakespeare’s Merchant of Venice. The other minor roles in the presentation were also enacted by the same artist.   After that, in the past few years I have witnessed Shekhar Sen, an outstanding artiste from Mumbai, perform gripping musical dramas on the lives of Kabir and Tulsi and an enactment on Vivekananda, again all alone. Each one of these performances lasted over two hours. And apart from the moving script written by Shekhar Sen himself, the other remarkable … Continue reading A COMMENDABLE CULTURAL INITIATIVE BY M.P. No

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मध्य प्रदेश द्वारा की गई एक प्रशंसनीय सांस्कृतिक पहल

June 20, 2011
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एक अकेले कलाकार द्वारा दर्शर्कों को मंत्रमुग्ध कर देने वाले एक घंटे के एकल नाटक को सर्वप्रथम देखने का अवसर मुझे सत्तर वर्ष पूर्व तब मिला जब मैं कराची के सैंट पैट्रिक हाई स्कूल का विद्यार्थी था। जहां तक मुझे स्मरण आता है तो वह कलाकार आयरलैण्ड के प्रसिध्द अभिनेता थे जिन्होंने शेक्सपीयर के मर्चेंट ऑफ वेनिस के शाइलॉक की मुख्य भूमिका प्रभावशाली ढंग से निभाई। उस प्रस्तुति में अन्य छोटी भूमिकाएं भी इसी अभिनेता द्वारा निभाई गई थीं।   उसके पश्चात् पिछले कुछ वर्षों से मुझे मुंबई के उत्कृष्ट कलाकार शेखर सेन द्वारा अभिनीत कबीर, तुलसी और विवेकानन्द के जीवन पर आधारित मंत्रमुग्ध कर देने वाले नाटकों – और वह भी अकेले कलाकार द्वारा – को देखने का अवसर मिला। इनमें से प्रत्येक की अवधि दो घंटे से अधिक है। शेखर सेन द्वारा इनकी मर्मस्पर्शी पटकथा लिखने के अलावा कबीर और तुलसी नाटकों की उल्लेखनीय विशेषता यह है कि … Continue reading मध्य प्रदेश द्वारा की गई एक प्रशंसनीय सांस्कृतिक पहल

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