Month: June 2011

अन्तर्राज्यीय परिषद की बैठक शीघ्र बुलाई जाए

June 15, 2011

भारतीय संविधान का पहला अध्याय भारत को ‘राज्यों के संघ‘ के रुप में निरुपित करता है। संविधान सभा ने भारत को ‘राज्यों का परिसंघ‘ कहने वाले प्रारुप को अस्वीकार कर दिया था। संविधान के प्रारुप को प्रस्तुत करते समय, प्रारुप समिति के चेयरमैन डा0 अम्बेडकर ने इस पहलू की इस तरह से व्याख्या की:     ”यद्यपि भारत को एक परिसंघ होना था, पर यह परिसंघ राज्यों द्वारा एक परिसंघ में शामिल हाने के समझौते का परिणाम नहीं था, और यह परिसंघ किसी समझौते का परिणाम नहीं था, किसी भी राज्य को अलग को अलग होने का अधिकार नहीं है। परिसंघ एक संघ है क्योंकि यह अविनाशी है।”   ”हांलाकि देश और लोग प्रशासन की सुविधा से विभिन्न राज्यों में विभक्त होंगे, देश एक संपूर्ण एकात्मक है, इसके लोग एक हैं और एक ही स्त्रोत से उदृत होने वाले एक सूत्र के तहत रहते हैं।”   ”अमेरिकियों को यह स्थापित करने … Continue reading अन्तर्राज्यीय परिषद की बैठक शीघ्र बुलाई जाए

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JUNE, 1975 AND JUNE, 2011

June 11, 2011

I have always been cynical about palmists, astrologers, etc. In politics quite a few hesitate to embark on a new project without having a clearance from the soothsayer they trust.   I have often recounted how on one occasion my own skepticism was rudely shaken.   Way back in the 1970’s we had in our party (then Jana Sangh) National Executive a reputed professional astrologer, by name Dr. Vasant Kumar Pandit. He was based in Mumbai (then Bombay). He was a committed activist of the party who had courted arrest fourteen times including during the movement for Kashmir’s total integration, and the struggle against the Emergency. He had risen in the party ranks first to become President of the Bombay City Jana Sangh and later of the Maharashtra Pradesh Jana Sangh.   Last week, there was a two day meeting of the BJP’s National Executive at Lucknow. Party President Shri … Continue reading JUNE, 1975 AND JUNE, 2011

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जून, 1975 और जून, 2011

June 11, 2011

हस्तरेखा विशेषज्ञ, ज्योतिषियों इत्यादि के प्रति मेरा सदैव अविश्वास रहा है। राजनीति में ऐसे अनेक हैं जो अपने विश्वस्त ज्योतिषी की सलाह के बिना किसी नए प्रोजेक्ट को शुरु करने से हिचकते हैं।   मैं अक्सर एक ऐसे अवसर का स्मरण करता हूं जब मेरा यह अविश्वास बुरी तरह से हिल गया।   1970 के दशक में हमारी पार्टी (तब जनसंघ) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में एक प्रतिष्ठित पेशेवर ज्योतिषी डा. वसंत कुमार पंडित थे। वे मुंबई से थे (तब बम्बई)। वह पार्टी के प्रतिबध्द कार्यकर्ताओं में से थे जो कश्मीर के पूर्ण विलय के आंदोलन और आपातकाल के विरुध्द आन्दोलन सहित चौदह बार जेल गए थे। पार्टी में काम करते-करते पहले वह बंबई शहर जनसंघ और बाद में महाराष्ट्र प्रदेश जनसंघ के अध्यक्ष बने। *** गत् सप्ताह लखनऊ में भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक हई। पार्टी अध्यक्ष श्री गडकरी ने 4 जून की शाम को मुझे समापन … Continue reading जून, 1975 और जून, 2011

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