Archive for June, 2012

बांग्लादेश राजनयिक ने गिनाए पाकिस्तान के सात घातक पाप

June 24, 2012
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गत् सप्ताह (16 जून) नई दिल्ली स्थित बंगलादेश के उच्चायुक्त श्री अहमद तारिक करीम मेरे निवास पर मुझसे मिले और बंगलादेश-भारत-पाकिस्तान सम्बन्धों पर हमारी काफी ज्ञानवर्धक बातचीत हुई।   जब वह चलने लगे तो मैंने उन्हें अपनी आत्मकथा ‘‘माई कंट्री माई लाइफ, की प्रति भेंट की और उन्होंने वायदा किया कि वह हमारे बीच हुई चर्चा के विषयों पर अपने लेखन की प्रति भेजेंगे।   उच्चायोग द्वारा प्रेषित उनका पत्र धन्यवाद की अभिव्यक्तियों से भरा हुआ है। इस पत्र में उन्होंने मेरी आत्मकथा का संदर्भ देते हुए टिप्पणी की है कि: ”जैसे-जैसे मैं इसका अध्ययन कर रहा हूं, मुझे हमारे उप-महाद्वीप के साझा इतिहास की अनमोल अदंरुनी जानकारी मिल रही है।”   उपरोक्त वर्णित पत्र के साथ-साथ उच्चायुक्त द्वारा लिखे गए अनेक लेख भी संलग्न हैं। उच्चायुक्त महोदय बंगलादेश की विदेश सेवा से निवृत हो चुके हैं परन्तु उनकी सरकार ने उन्हें वर्तमान भारत सरकार के कार्यकाल पूरा होने तक … Continue reading बांग्लादेश राजनयिक ने गिनाए पाकिस्तान के सात घातक पाप

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SALUTATIONS TO A GREAT MARTYR !

June 23, 2012
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Today is 23rd of June.  It is a date the nation must not forget. Exactly 59 years back, in 1953, on this very day Dr. Syama Prasad Mookerjee passed away in Srinagar in mysterious circumstances.    In October 1951, Dr. Mookerjee had founded the Bharatiya Jana Sangh. He had been elected its first National President.   In 1952, the Election Commission had organized the First General elections to the Lok Sabha, and the State Assemblies. Dr. Mookerjee was elected to the first Lok Sabha from a Calcutta constituency.   In December 1952, the first All India Session of the Jana Sangh was held at Kanpur. It was at this conclave that Dr. Mookerjee gave a call to the country for the complete integration of Jammu and Kashmir State into the Indian Union. The call was summed up in a powerful slogan:   Ek desh men     Do Vidhan                                                                                    Do Pradhan … Continue reading SALUTATIONS TO A GREAT MARTYR !

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आइए सभी अपने जीवन को सार्थक बनाएं

June 19, 2012
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बीसवीं शताब्दी के अंतिम दिनों में मुंबई से ‘आफ्टरनून केरियर एण्ड डिस्पैच‘ नाम का समाचार पत्र प्रकाशित हुआ करता था।   पत्र में राजनीतिज्ञों की भेंटवार्ता ‘ट्वन्टी क्वेस्चन‘ (बीस प्रश्न) शीर्षक के अंतर्गत प्रकाशित होती थी।   सन् 1991 में इस ‘ट्वन्टी क्वेस्चन‘ वाले इन्टरव्यू के लिए जब मुझसे सम्पर्क किया गया तो पहला प्रश्न था: ”मिस्टर आडवाणी, आपकी सर्वाधिक बड़ी कमजोरी आप किसे मानते हैं?”   मेरा उत्तर था ”पुस्तकें!” और मैंने जोड़ा ”और सामान्य स्तर पर, चाकलेट।”   तब से सभी वर्षगांठों, चुनावी सफलताओं इत्यादि ऐसे सभी अवसरों पर आने वाले मित्र मेरे निजी पुस्तकालयों में पुस्तकों का इजाफा करते रहे या चॉकलेट देते रहे हैं।   अनेक पुस्तकें मुझे फादर एजनेल हाईस्कूल दिल्ली के फॉदर बेंटों राड्रिग्स ने भेंट की हैं। ‘मेरा देश, मेरा जीवन‘ शीर्षक वाली अपनी आत्मकथा में मैंने उल्लेख किया है कि नरसिम्हा राव के शासनकाल में मेरे विरुध्द लगाए गए आरोपों के चलते … Continue reading आइए सभी अपने जीवन को सार्थक बनाएं

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