Archive for October, 2013

डा. मुंशी का पण्डित नेहरु को ऐतिहासिक पत्र: वी.पी. मेनन ने कहा ‘एक अद्भूत’

October 11, 2013
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अपने एक पूर्ववर्ती ब्लॉग में मैंने विस्तार से बताया था कि कैसे सरदार पटेल, उनके निकट सहयोगी वी.पी. मेनन तथा लार्ड माउंटबेंटन ने मिलकर ब्रिटिशों के जाने के बाद भारत को एक सूत्र में गूंथने के लिए प्रयास किए। उसके लिए मैंने वी.पी. मेनन जिन्हें सरदार पटेल ने विदेश विभाग में सचिव नियुक्त किया था, द्वारा लिखी गई दो उत्कृष्ट पुस्तकों के साथ ही एक और ताजा पुस्तक एलेक्स वॉन वूनेलमान द्वारा लिखित ”इण्डियन समर: दि सिक्रेट हिस्ट्री ऑफ दि एण्ड ऑफ एन अम्पायर” का सहयोग लिया था। यह महिला लेखक प्रमुखतया ऑक्सफोर्ड में शिक्षित शोधार्थी हैं और अब लंदन में रहती हैं। मेनन की जिन दो पुस्तकों को मैं सभी पुस्तक प्रेमियों से पढ़ने की सिफारिश करता हूं उनके शीर्षक हैं ‘इण्टीग्रेशन ऑफ दि इण्डियन स्टेट्स‘ और दि ‘ट्रांसफर ऑफ पॉवर‘A   परन्तु उस ब्लॉग में टेलपीस 30 अक्टूबर 2012 यानी गत् वर्ष सरदार की जन्मतिथि से एक दिन … Continue reading डा. मुंशी का पण्डित नेहरु को ऐतिहासिक पत्र: वी.पी. मेनन ने कहा ‘एक अद्भूत’

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NO FULL STOPS IN BJP

October 8, 2013
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September 25 is a very important date for all Bharatiya Janata Party workers. It is the Birth Anniversary of our Party’s principal ideologue since its launching as Bharatiya Jana Sangh in 1951, namely, that of Pandit Deendayal Upadhayaya. The party was founded by Dr. Syama Prasad Mookerji. The Jana Sangh contested the First General Elections of 1952 under the leadership of Dr. Mookerji, who had meanwhile nominated Deendayalji as the Party’s first General Secretary. And as General Secretary, Upadhyayaji put together a formidable team of organizers who under the guidance of Dr. Mookerji, laid a firm foundation for the party in all states.   Later in 1952, Dr. Mookerji convened the first All India session of the Party at Kanpur. It was while working with Deendayalji for the preparations of this Kanpur conference that Syama Prasadji discovered how talented and versatile Deendayalji was both as a thinker, as well as … Continue reading NO FULL STOPS IN BJP

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भाजपा में कोई पूर्ण विराम नहीं

October 8, 2013
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भारतीय जनता पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं के लिए 25 सितम्बर एक महत्वपूर्ण तिथि है। यह, सन् 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना के समय से ही हमारी पार्टी के प्रमुख विचारक रहे पण्डित दीनदयाल उपाध्याय की जन्मतिथि है। पार्टी की स्थापना डा. श्यामा प्रसाद मुकर्जी ने की थी। जनसंघ ने पहला आम चुनाव सन् 1952 में डा. मुकर्जी के नेतृत्व में लड़ा था, उन्होंने इस बीच दीनदयालजी को पार्टी का पहला महासचिव नियुक्त किया। महासचिव के रुप में उपाध्यायजी ने संगठनकर्ताओं की ऐसी मजबूत टीम खड़ी की जिसने डा. मुकर्जी के मार्गदर्शन में सभी राज्यों में पार्टी की मजबूत नींव रखी।   बाद में 1952 में डा. मुकर्जी ने पार्टी का अखिल भारतीय सम्मेलन कानपुर में आहूत किया। इस कानपुर सम्मेलन की तैयारियों में दीनदयालजी के साथ काम करते श्यामा प्रसाद जी ने पाया कि दीनदयालजी एक चिंतक के साथ-साथ एक कुशल संगठन की प्रतिभा और कुशाग्रता से भरे हैं। … Continue reading भाजपा में कोई पूर्ण विराम नहीं

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