Archive for January, 2012

A LANDMARK PUBLICATION

January 18, 2012
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Hearty kudos to R.K. Mehra, his son Kapish Mehra and Rupa Publications for having published their 11-volume set of Encyclopedia of Hinduism, which Indrajit Hazra, the reviewer of these volumes has described in the Hindustan Times as “a startlingly good treasure trunk for any one interested in the history of ideas to dip into.”   Hazra quotes R.K. Mehra telling him that he considers the Encyclopedia to be “the most important publication of his career.”  The H.T. has displayed the review prominently under the bold heading: “Hinduism is an Intellectual System, not a Religion”.

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हार्ड पॉवर, साफ्ट पॉवर, स्मार्ट पॉवर

January 7, 2012
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सन् 2011 के अंतिम महीनों में मैं जनचेतना यात्रा पर था। उसके चलते मैंने ब्लॉग लिखने से छुट्टी ले ली थी। सन् 2012 के पहले शुरूआती महीने में मैं फिर से ब्लॉग शुरू कर रहा हूं। यहां यह स्मरण कराना समीचीन होगा कि 1957 में दूसरे आम चुनावों के बाद मैं राजस्थान में स्वतंत्रता के पश्चात् का पहला दशक बिताने के बाद दिल्ली आया था।   यही वह चुनाव था जिसमें पहली बार श्री वाजपेयी लोकसभा के लिए चुनकर आए थे।   पार्टी के महासचिव और हमारे मुख्य विचारक पण्डित दीनदयाल उपाध्याय चाहते थे कि मैं पार्टी के संसदीय कार्यालय को स्थापित कर उस समय के पार्टी के सांसदों के छोटे समूह की सहायता करूं । तब से मैं पार्टी के संसदीय दल से निकटता से जुड़ा हूं। जो आज भी जारी है।   हाल ही में समाप्त हुए वर्ष का सिंहावलोकन करते समय मैंने एक वक्तव्य जारी किया था … Continue reading हार्ड पॉवर, साफ्ट पॉवर, स्मार्ट पॉवर

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प्रधानमंत्री ने अवसर गंवाया

January 7, 2012
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दो दिन पूर्व प्रधानमंत्री डॉ0 मनमोहन सिंह ने, देश के अग्रणी हिन्दी दैनिक जागरण के संस्थापक पूर्णचन्द्र गुप्त की जन्म शताब्दी के अवसर पर एक डाक टिकट जारी किया। अवसर था: 2 जनवरी, 2012, श्री गुप्त की जयन्ती का।   प्रेस की आजादी भारतीय लोकतंत्र की वृध्दि के लिए अनिवार्य है, प्रधानमंत्री ने इस पर जोर देते हुए मीडिया संगठनों से ऐसा तंत्र स्थापित करने को कहा जो निष्पक्षता को प्रोत्साहित और सनसनी को समाप्त करे। डा0 मनमोहन सिंह ने कहा ”मेरे विचार से हमारे देश में यह आम सहमति है कि मीडिया पर कोई बाहरी नियंत्रण नहीं थोपा जाना चाहिए।”   प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर पूर्णचन्द गुप्त की जीवनी का भी विमोचन किया।    जीवनी में स्मरण किया गया है कि कैसे आपातकाल का विरोध करने के कारण पूर्णचन्द्र गुप्त को जेल जाना पड़ा। जब 26 जून, 1975 को प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने आपातकाल लागू करने की … Continue reading प्रधानमंत्री ने अवसर गंवाया

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